Saturday, August 8, 2026

 

आ.शिवपूजन सहाय : जयंती 133

आ.शिवपूजन सहाय न्यास की पिछली 37 वीं बैठक श्री जियालल आर्य कि अध्यक्षता में 11 जनवरी, 1925 को  बिहार विद्यापीठ, पटना हुई थी, और उस बैठक में लिए गए निर्णयानुसार डा.मंगलमूर्त्ति द्वारा अंग्रेजी में लिखित डा.राजेन्द्र प्रसाद की जीवनी का 11 जुलाई, 2025 पूर्वान्ह् 11 बजे माननीय राज्यपाल(बिहार) श्री आरिफ़ मोहम्मद खान  द्वारा लोकार्पण हुआ। उस अवसर की  कुछ तस्वीरें यहाँ देखी जा सकती हैं।

न्यास के प्रमुख कार्यों में श्री आर.के.सिंह (पूर्व सांसद) द्वारा संकल्पित उनवाँस ग्राम में आ.शिव के स्मारक निर्माण का काम उनके अचानक गंभीर रूप से अस्वस्थ हो जाने से रुक गया है, यद्यपि स्मारक-स्थल पर 6.5 फुट ऊंची चहारदीवारी न्यास के द्वारा बनवाई जा चुकी है, जिसका चित्र, विवरण आदि इसी ब्लॉग पर पहले दिया जा चुका है। इस दिशा में अभी भी प्रयास चल रहा है।

आ. शिवजी कि स्मृति में न्यास निरंतर कार्यशील है, यद्यपि अपने वार्धक्य (89 वर्ष) के कारण न्यास के संस्थापक सचिव के सामने अपनी स्वास्थ्यगत समस्याओं के कारण कई प्रकार कि विवशताऐं आ गई हैं, जिनके कारण बार-बार पटना जाकर बैठकें करना कठिन हो गया है, ओर अधितर कार्य फोन ओर नेट से करने पड़ रहे हैं। इस बीच आ.शिवजी के स्मृति-सम्मान में दिल्ली, पटना आदि में कई समारोह अन्य संस्थाओं द्वारा आयोजित होते रहे हैं, और यह एक शुभ संकेत है| इधर आ.शिवजी पर डा. मंगलमूर्त्ति-लिखित हिन्दी जीवनी ‘शिवपूजन सहाय:जीवन और साहित्य’ प्रकाशन विभाग (भारत सरकार) से प्रकाशित हुई है, जो सरकारी विक्रय केंद्रों ओर नेट पर भी पर उपलब्ध है। दूसरी महत्त्वपूर्ण पुस्तक डा. मंगलमूर्त्ति-संपादित ‘शिवपूजन सहाय: पुनरस्मरण’ (वैल्यू प्रकाशन, मो.9868035385) भी प्रकाशित हुई है जिसमें आ.शिवजी पर उनके समकालीन साहित्यकारों के लगभग 75 संस्मरण प्रकाशित हैं| आ. शिवजी से सम्बद्ध कुछ ऐसी पुस्तकों के चित्र इस ब्लॉग पर पहले भी प्रकाशित हैं, और इन नई किताबों के चित्र यहाँ फिर प्रकाशित किए जा  रहे हैं।

आ.शिवजी कि 133 जयंती के अवसर पर पटना और उनके जन्म-ग्राम उनवाँस में भी कुछ विशेष कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। उनके अमर ‘आंचलिक’ उपन्यास ‘देहाती दुनिया’ का यह शती-वर्ष है और उसका एक नया प्रामाणिक शती-संस्करण विशेष सामग्री के साथ शीघ्र ही प्रकाशित हो रहा है। ‘देहाती दुनिया’ का डा. मंगलमूर्त्ति-कृत अंग्रेजी अनुवाद भी शीघ्र ही प्रकाशित हो रहा है, ओर उसका औडियो तथा ई-बुक भी जल्दी ही प्रकाशित होगा। ‘देहाती दुनिया’ के कुछ और संस्करण (c) विधान के विपरीत कई प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित किए जा रहे हैं, यद्यपि आ.शिवजी के साहित्य के व्यापक प्रचार की  दृष्टि से अभी उनपर किसी कानूनी कार्रवाई का विचार न्यास नहीं कर रहा है। आ. शिव-लिखत समस्त साहित्य का सम्पूर्ण स्वतत्वाधिकार अब केवल न्यास का है ओर संस्थागत स्वत्वाधिकार के विषय में कानूनी सलाह ली जा चुकी है| इस दिशा में आवश्यक कार्य करने पर विचार हो रहा है। 

जयंती 133 के अवसर पर न्यास के इस अधीकृत ब्लॉग shivapoojan.blogspot.com पर जो सामग्री उपलब्ध है उसके अलावा कुछ नई सामग्री दो और सम्बद्ध ब्लॉगों पर भी देखी जा सकती है – vibhutimurty.blogspot.com तथा vagishwari.blogspot.com

आ.शिवजी पर नेट पर भी बहुत सामग्री उपलब्ध है। न्यास का अपना youtube channel भी है vagishwarimurty जिस पर बहुत सी चीजें देखी जा सकती हैं। नेट में ajaynarayan.com          पर ‘शिवपूजन सहाय साहित्य समग्र’ के दसों खंडों की सामग्री और उनसे जुड़ी बहुत सी पुस्तकें e-book पर क्लिक करके पढ़ी जा सकती हैं।

न्यास की गतिविधियों ओर प्रस्तावित कार्यक्रमों कि सूचना अब इसी ब्लॉग पर आधिकारिक रूप से उपलब्ध होगी। कृपया comments में अपने सुझाव/विचार अवश्य अंकित करें। आ. शिवजी पर हो रहे शोध की  एक सूची हम यहाँ प्रकाशित करेंगे।  उस विषय में सूचनाओं का स्वागत है। 

सम्पर्क : bsmmurty@gmail Mob.+91-7752922938/9415336674   


 

    

      

   








 

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