Wednesday, January 6, 2021

 

आचार्य शिवपूजन सहाय स्मारक न्यास की पुस्तक योजना

आ.शि.स. स्मा. न्यास की स्थापना आ. शिव के जन्म-शती वर्ष १९९३ में पटना में हुई थी | न्यास के संगठन और उसकी गतिविधियों का विवरण तथा आ. शिव से सम्बद्ध और सूचनाएं इसी ब्लॉग में  नीचे के Older Posts  बटन पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है | यहाँ हम न्यास की नियमावली के मूल उद्येश्यों से आपका परिचय कराना चाहते हैं | वे इस प्रकार हैं:

१.स्व. आचार्य शिवपूजन सहाय की रचनाओं का प्रकाशन |  २. आ. शिवजी द्वारा अपने जन्मग्राम उनवांस में स्थापित श्री वागीश्वरी पुस्तकालय का परिरक्षण और संवर्धन | ३. आ. शिवजी के जन्म-गृह में, उनवांस में, एक स्मारक भवन की स्थापना  | ४. आ. शिवजी की स्मृति में स्मारक के स्थायी सचिव श्री मंगलमूर्ति के पटना (पुनाईचक-स्थित) आवास में सम्प्रति ‘आचार्य शिवपूजन सहाय स्मारक संस्थान’ की स्थापना |        ५. आ. शिवजी और उनकी धर्मपत्नी स्व. श्रीमती बच्चन देवी की स्मृति में व्याख्यान साहित्यिक पुरस्कार आदि की व्यवस्था |  ६. विशेषतः बिहार के लेखकों से सम्बद्ध साहित्यिक कृतियों एवं सामग्रियों का संग्रह एवं परिरक्षण, बिहार के साहित्य का प्रकाशन एवं शोध |  ७. हिंदी भाषा और साहित्य की संवृद्धि और वैसे प्रकाशनों के लिए सहायता और सहयोग |  ८. सर्जनात्मक लेखन सहित सामान्यतः साहित्यिक कार्य-कलापों का आयोजन |  ९. आ. शिव के साहित्य में यथावेक्षित ग्रामोत्थान और ग्रामीण शिक्षा से सम्बंधित संस्थानों की स्थापना |

इनके अतिरिक्त भी अन्य साहित्यिक कार्य-कलापों को बढ़ावा देना जो उपयुक्त मूल उद्देश्यों के अनुरूप हों, पर प्रतिकूल न हों |

बीत रहे वर्ष २०२० में कोरोना महामारी के कारण न्यास की बैठक संभव नहीं हुई, लेकिन इस ब्लॉग, दूरभाष और ईमेल के माध्यम से यथासंभव सदस्यों से संपर्क रखने की चेष्टा हुई | जन्म-ग्राम उनवांस में पुराने मकान और जीर्ण पुस्तकालय  भवन को तोड़ कर स्मारक-भवन-निर्माण का जो काम २०१९ में प्रारम्भ हुआ था, वह कोरोना के कारण ही पूर्णतः स्थगित रहा, और यथास्थिति आगामी वर्ष में उस काम को फिर नए सिरे से प्रारम्भ किया जायेगा | लेकिन इसी वर्ष २०२० में आ. शिवजी की दो पुस्तकों – ‘मेरा बचपन एवं सम्पूर्ण बाल साहित्य’ तथा ‘हिंदी की गद्य-परंपरा’ का श्वेतवर्णा प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशन हुआ, और दो और पुस्तकें – ‘निबंध समग्र’, तथा  ‘वे दिन, वे लोग’(संस्मरण-समग्र) आगामी वर्ष के प्रारंभ में प्रकाशनाधीन हैं | इन्हीं के साथ डा.मंगलमूर्त्ति की संस्मरण-पुस्तक ‘दर्पण में वे दिन’ भी अनामिका प्रकाशन से प्रकाशित हो रही है | शीघ्र ही इन सभी पुस्तकों का एक फोल्डर प्रकाशित किया जायेगा |

गाँधी संग्रहालय में स्थानांतरित वागीश्वरी पुस्तकालय के पुस्तक संग्रह के रख-रखाव और पुरानी पुस्तकों की जिल्दबंदी के लिए १०,०००/- रु. संग्रहालय को दिए गए | ( श्री वागीश्वरी पुस्तकालय का पूरा परिचय भी आप शीघ्र ही इस ब्लॉग पर पढ़ सकेंगे |) इस वर्ष १२७ वीं जयंती (९अगस्त, २०२०) के अवसर पर मुख्यमंत्री, बिहार ने आ. शिव की कंकडबाग वाली प्रतिमा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया | (प्रतिमा के चित्र नीचे देखें|)

इस बीच न्यास के तत्त्वावधान में वागीश्वरी प्रकाशन का प्रारम्भ हुआ है ( श्री वागीश्वरीदयाल आ. शिव के पिताश्री थे, जिनके नाम पर ही न्यास का यह ब्लॉग परिचालित होता है)| इसके अंतर्गत पहली खेप में न्यास-सचिव डा. मंगलमूर्त्ति की ४ पुस्तकों का प्रकाशन हुआ और उपर्युक्त  आ. शिवजी की पुस्तकों (और डा.मंगलमूर्त्ति की पुस्तकों की भी )ऑनलाइन  विक्रय की  व्यवस्था शुरू की गई जिन सब की रकम क्रेता द्वारा सीधे न्यास के खाते में जमा की जाती है | पुस्तकों के प्रकाशन की व्यवस्था अनामिका प्रकाशन, श्वेतवर्णा प्रकाशन. दिल्ली, तथा वागीश्वरी प्रकाशन द्वारा की गई है, उसमें न्यास की कोई आर्थिक लागत  तत्काल नहीं होती | बाद में इसकी एक आर्थिक नीति बन जाने पर न्यास के उद्देश्य सं.७ के अनुसार कुछ प्रकाशन न्यास के  आर्थिक  सहयोग से  भी यथावश्यक किये जायेंगे | यथासमय सभी प्रकाशकों के साथ एक ऐसी व्यवस्था होगी जिसके अंतर्गत वागीश्वरी प्रकाशन (जिसके संचालक न्यास के उप-सचिव श्री रामकृष्ण शरण हैं) एवं आ. शिव की पुस्तकों के अन्य प्रकाशकों से आ. शिव की पुस्तकों की  प्रतियां लेकर संपर्क और प्रचार के द्वारा उन पुस्तकों को निर्दिष्ट पाठकों के बीच विशेष छूट और मुफ्त डाकखर्च पर उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे उपयुक्त पाठकों को आ. शिव की पुस्तकें कम-से-कम मूल्य पर उपलब्ध हो सकें |  यह सुझाव भी विचाराधीन है कि १,०००/- या उससे अधिक  मूल्य की पुस्तकें न्यास से खरीदने वाले ऐसे पाठक को एक विशेष सूची में न्यास के सामान्य सदस्य के रूप में मान्यता दी जाएगी | इस योजना के तहत न्यास के खाते में जो रकम जमा हुई है उसका विवरण अंकेक्षण के बाद न्यासियों के सम्मुख प्रस्तुत किया जायेगा |

यहाँ प्रस्तुत कुछ चित्रों में न्यास की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण देखा जा सकता है | आ. शिव की नव-प्रकाशित पुस्तकों के आवरण-चित्र | पुस्तकों को विशेष छूट और मुफ्त डाक-खर्च पर प्राप्त करने के लिए कृपया डा. मंगलमूर्त्ति से संपर्क करें (मो. 7752922938 WhatsApp   / Email : bsmmurty@gmail.com)

















 

इस ब्लॉग पर प्रकाशित सामग्री को पढने के लिए अभी सामने खुले पृष्ठ में नीचे Older Posts का एक बटन है, उस पर क्लिक करके इससे पहले वाली सामग्री पढ़ी जा सकती है, और इसी प्रकार फिर उससे पहले की सामग्री भी पढ़ी जा सकती है | पूर्व की सामग्री पीछे जाते हुए इस प्रकार देखी जा सकती है :

५.वर्ष २०२०

जनवरी, २४: उनवांस ग्राम में ५७ वीं पुण्यतिथि दिवस तथा गाँव के उत्तर के  सरोवर का सौंदर्यीकरण तथा वहां आ. शिव की प्रतिमा का मुख्य मंत्री द्वारा उद्घाटन |

४.वर्ष २०१९

अगस्त २३: इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कलाकेन्द्र, दिल्ली, में आ. शिव की १२६ वीं जयंती के अवसर पर समारोह एवं पुस्तकों का लोकार्पण |  उनवांस में समारोह |

३. जुलाई १३: १२६ वीं जयंती के अवसर पर पत्रिकाओं के विशेषांकों का प्रकाशन एवं  गाँधी संग्रहालय में आ. शिवजी द्वारा उनवांस में स्थापित वागीश्वरी पुस्तकालय की पुस्तकों का संरक्षण |

२.जून २८ : पटना (कंकडबाग पार्क ) में स्थापित आदमकद कांस्य प्रतिमा के चित्र |

१. वर्ष २०१८

जुलाई ९ : (पहला पोस्ट) आ. शिवपूजन सहाय स्मारक न्यास का पूर्ण परिचय एवं सदस्यों की सूची | 

आ.शिवपूजन सहाय से सम्बद्ध और सामग्री  एवं डा. मंगलमूर्ति की हिंदी-अंग्ररेजी रचनाओं को पढ़ने के लिए आप निम्नांकित ब्लोगों को भी देखें 

vibhutimurty.blogspot.com        vagishwari.blogspot.com        murtymuse.blogspot.com

  

 

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